संपूर्ण चालीसा, आरती व व्रत कथा शुद्ध हिंदी | प्रतिदिन पाठ | सरल भाषा
2/3/2026 4:44:47 PM
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्। नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी।तिहूं लोक फैली उजियारी॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिकै सुमिरौं पवनकुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार॥
चालीसा संग्रह,चालीसा,आरती,मंत्र,स्तुति
व्रत कथा,तीर्थ स्थल,तिथि,त्यौहार,भजन
चालीसा संग्रह
भगवान शिव की शक्ति, करुणा और मानसिक शांति
संकट मोचन, साहस, शक्ति और समर्पण
धर्म, शांति और जीवन में सकारात्मकता
विघ्न बाधा नाश, बुद्धि और सफलता
बुद्धि, सफलता और नए कार्यों में शुभ आरंभ के लिए
ध्यान, वैराग्य और आत्मिक जागरण के लिए
आंतरिक शक्ति, निर्भयता और आत्मरक्षा के लिए
साहस, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता के लिए
पढ़ाई, स्मरण शक्ति और रचनात्मकता के लिए
कर्म सुधार, धैर्य और जीवन स्थिरता के लिए
रोग निवारण और आरोग्य शक्ति के लिए
धन प्रवाह और वित्तीय अवरोध हटाने के लिए
संतोष, मानसिक स्थिरता और आंतरिक सुख के लिए
मन संयम, चरित्र बल और धर्म मार्ग के लिए
आर्थिक स्थिरता और वैभव वृद्धि के लिए
एक समय श्री कृष्ण राधिका, एक समय श्री कृष्ण राधिका खेवें नवझ्या पानी में, हाँ हाँ खेवें नवझ्या पानी में खेवत ...
गोपाल प्यारे माँगत माखन रोटी, गोपाल प्यारे माँगत माखन रोटी अपने गोपाल जी का रोटिया बनाय देबे, अपने गोपाल जी क...
राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा, राम लखन सिया जानकी आज मैने सपने में देखा चारो ओर चार खम्भे गड़े है,...
तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा, तुलसा लहरिया ले मोरे आँगनवा सावन में तुलसा की दुई दुई पाती, भादव में हुई दुई चार...
भगवान् क्या है ? इस सम्बन्ध में मैं जो कुछ कहना चाहता हूँ, वह मेरे अपने निश्चयकी बात है, हो सकता है कि मेरा निश्चय ...
जीवन में ऐसे बहुत से अवसर आते हैं, जब निराशा से घिरे हुए मनुष्य को अपने प्रयत्नों में विश्वास नहीं रहता - जीवन भार ...
किसी मंत्र अथवा ईश्वर-नाम को बार-बार भाव तथा भक्ति पूर्वक दुहरा ने को जप कहते हैं। जप चित्त की समस्त बुराइयों का नि...
जिसको सत्संग और शास्त्रों के स्वाध्याय से विचार उत्पन्न होता है, उसको दिन प्रतिदिन भोग की तृष्णा घटती जाती है और आत...
जिस प्रकार अंधकार में रास्ता नहीं दिखाई देता है किन्तु दीपक का प्रकाश साथ में हो तो कोई कठिनाई नहीं होती, उसी तरह इ...
चालीसा चालीस चौपाइयों तथा दोहो का संग्रह होता है इसमें में हर चौपाइयों का अपना एक विशेष महत्व होता हैं। इसे परमेश्व...
पांच प्रकार की विशेष चीज़ों के मिश्रण से बनने वाले अलौकिक द्रव को पंचामृत कहते है, सनातन धर्म में पूजा पाठ का अपना ए...
आरती पूजा का एक रूप है और सनातन धर्म में सबसे प्रमुख अनुष्ठानों में से एक है। जो भगवान के प्रति प्रेम और कृतज्ञता व...